PSC एग्जाम: 36 याचिकाएं एक साथ सुनेगा हाईकोर्ट, अगली सुनवाई 15 मार्च को
जबलपुर
पब्लिक सर्विस कमीशन (पीएससी)एग्जाम को चुनौती देने वाली सभी 36 याचिकाओं की मध्यप्रदेश हाईकोर्ट अब एक साथ सुनवाई करेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां मुख्य खंडपीठ जबलपुर में दायर 7 याचिकाओं के साथ इंदौर बेंच से आई 29 याचिकाएं भी संलग्न कर दी गई हैं। इसके चलते अब हाईकोर्ट में जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस वीरेंद्रसिंह की युगल पीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से शेष याचिकाओं पर भी जवाब तलब करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 15 मार्च तय कर दी है।
15 मार्च से इन सभी याचिकाओं की एक साथ सुनवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इसके पहले डिवीजन बेंच ने परीक्षा परिणाम याचिका पर आने वाले निर्णय के अधीन रखने का आदेश दिया हुआ है। दरअसल, पब्लिक सर्विस कमीशन 2019 की प्रारंभिक परीक्षा के खिलाफ दायर इन याचिकाओं में आरोप है कि इसमें आरक्षण के प्रावधान अनुचित ढंग से प्रभावशील किए गए हैं। अनारक्षित वर्ग को 40 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए 20 प्रतिशत सहित ईडब्ल्यूएस के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इस लिहाज से यदि जोड़ा जाए तो यह आरक्षण कुल 113 प्रतिशत हो गया है। इससे आरक्षण अधिनियम 1994की धारा (4)4 की गलत तरीके से व्याख्या हो गई है। राज्य सेवा परीक्षा नियम 2015 के संशोधन को भी भूतलक्षीय प्रभाव से लागू किया जा रहा है।

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